त्रिमूर्ति चौराहे पर जानलेवा बना सड़क का गड्ढा, आए दिन हो रहे हैं हादसे
-प्रशासनिक उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश, जल्द से जल्द पेंचवर्क कराने की उठी मांग
अदनान खान सलामतपुर रायसेन (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
क्षेत्र के व्यस्ततम त्रिमूर्ति चौराहे पर सड़क के बीचों-बीच हुआ एक गहरा गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए काल बन चुका है। रायसेन की ओर जाने वाली सड़क के मुख्य जोड़ पर स्थित यह गड्ढा आए दिन गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद से स्थिति और भी बदतर हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों में गहरा रोष है। गड्ढे की वजह से यहां पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। और ज़िम्मेदार अधिकारी इस और ध्यान ही नही दे रहे हैं।
बारिश के पानी में 'अदृश्य' हो जाता है गड्ढा--स्थानीय रहवासी देवेन्द्र ने बताया कि सड़क पर हुए इस गहरे गड्ढे के कारण प्रतिदिन मोटरसाइकिल चालक और पैदल यात्री गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मानसून की दस्तक के बाद से समस्या दोगुनी हो गई है। सड़क पर जलभराव के कारण वाहन चालकों को गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता।और अचानक अनियंत्रित होकर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से शिकायतें भेजी गईं, लेकिन प्रशासन अब तक गहरी नींद में सोया हुआ है और पेंचवर्क का काम अधर में लटका है।
भारी यातायात के दबाव से जर्जर हुईं सड़कें, हाल ही में हुआ बड़ा हादसा---भोपाल से रायसेन होते हुए विदिशा जाने वाले इस मुख्य मार्ग पर यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है। भारी और कमर्शियल वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़कें तेजी से जर्जर हो रही हैं। अभी कुछ दिन पूर्व ही इस जानलेवा गड्ढे की वजह से एक बड़ा हादसा सामने आया था। त्रिमूर्ति चौराहे के सड़क जोड़ पर एक मोटरसाइकिल चालक अचानक अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में गिर गया।
नेताओं के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा--सड़क की इस बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय निवासियों ने राजनेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नेता सिर्फ चुनाव के समय हाथ जोड़कर वोट मांगने आते हैं। चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि क्षेत्र की सुध लेने पलटकर नहीं आता। यही कारण है कि आज ग्रामीण इलाकों में बुनियादी समस्याओं और जर्जर सड़कों का अंबार लगा हुआ है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस गंभीर खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारी और लोक निर्माण विभाग की कुंभकर्णी नींद टूटेगी? या फिर त्रिमूर्ति चौराहे पर किसी और बेकसूर को अपनी जान गंवानी पड़ेगी? ग्रामीण अब जल्द से जल्द ठोस पेंचवर्क की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
इनका कहना है।
सड़क पर पानी भरा होने के कारण गड्ढा दिखाई नहीं देता। हर दिन यहाँ कोई न कोई राहगीर गिरकर लहूलुहान हो रहा है, लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
रोहित,स्थानीय ग्रामीण।

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