समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचा, भुगतान के लिए दर-दर भटक रहा तिजालपुर गांव का किसान
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
सरकार किसानों को समय पर भुगतान और सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। रायसेन जिले के सांची विकासखंड के ग्राम तिजालपुर निवासी किसान सुरकेश पिछले दो महीने से अपनी ही फसल के भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। बुधवार को सलामतपुर आए किसान सुरकेश ने बताया कि उन्होंने अपना गेहूं समर्थन मूल्य पर दीवानगंज स्थित नीरा वेयरहाउस में तौल कराया था। गेहूं की तुलाई 17 अप्रैल को हुई थी और इसकी रसीद 24 अप्रैल को बनाई गई थी। लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके खाते में भुगतान की राशि नहीं पहुंची है। किसान का कहना है कि एक तरफ सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ किसान अपनी ही उपज का पैसा पाने के लिए भटक रहा है। समय पर भुगतान नहीं होने से उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की किस्त जमा करने में परेशानी हो रही है और ब्याज का अतिरिक्त बोझ भी उठाना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब किसान ने अपना गेहूं समय पर तौलवा दिया और सारी औपचारिकताएं पूरी कर दीं, तो आखिर भुगतान किस फाइल में अटक गया? क्या किसानों को उनकी मेहनत की कमाई पाने के लिए भी महीनों इंतजार करना पड़ेगा? फिलहाल किसान प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द भुगतान कराने की मांग कर रहा है, ताकि उसे आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके।

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