आज जिले की 1,800 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा स्कूल रेडीनेस मेला-2
-माताओं के नेतृत्व में एक माह चले घरेलू अधिगम अभियान के बाद बच्चों की प्रगति का होगा पुनः आकलन
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश तथा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की साझेदारी में समर कैम्प 2026 स्कूल के लिए तैयारी कार्यक्रम के अंतर्गत आज सलामतपुर सहित रायसेन जिले की समस्त 61 सेक्टरों एवं 1,800 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्कूल रेडीनेस मेला-2 का आयोजन किया जाएगा।यह मेला एक माह तक चले माता सहभागिता कार्यक्रम का समापन है, जिसकी शुरुआत 26 मई को आयोजित प्रथम स्कूल रेडीनेस मेले से हुई थी। उस मेले में 5–6 वर्ष आयु के बच्चों का पाँच प्रमुख विकास क्षेत्रों शारीरिक, संज्ञानात्मक, भाषा एवं साक्षरता, संख्या ज्ञान तथा सामाजिक-भावनात्मक विकास में आकलन किया गया था। इसके पश्चात जिले भर की माताओं को प्रतिदिन "एक खेल, एक कहानी, एक कविता" थीम पर आधारित व्हाट्सएप वीडियो भेजे गए, जिससे वे घर पर ही सरल, खेल-आधारित गतिविधियाँ अपने बच्चों के साथ कर सकें।
यह मेला केवल एक आकलन नहीं है,बल्कि उसका उत्सव है--महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मेला केवल एक आकलन नहीं है, यह पिछले एक माह में परिवारों ने मिलकर जो हासिल किया है, उसका उत्सव है। माताएँ अपने बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने में सक्रिय सहभागी बन चुकी हैं, और आज हम इसी प्रयास के परिणाम देखेंगे। आज के आयोजन के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजरों एवं सामुदायिक स्वयंसेवकों द्वारा प्रत्येक केंद्र पर पाँच गतिविधि-आधारित स्टॉल लगाए जाएँगे, जहाँ बच्चों का पुनः आकलन कर उनके व्यक्तिगत रिपोर्ट कार्ड अद्यतन किए जाएँगे तथा मौके पर ही अभिभावकों को सौंपे जाएँगे। तेज गर्मी की स्थिति को देखते हुए समस्त केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि मेले का आयोजन छायादार स्थान पर सुबह 10:30 से 01:30 बजे के बीच आयोजित किया जाए।
माता-पिता बच्चे के पहले शिक्षक की भूमिका निभाते हैं--जिला अधिकारियों के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के आंगनवाड़ी से कक्षा-1 में नामांकन को सहज बनाना तथा औपचारिक शिक्षा प्रारंभ होने से पूर्व उनकी बुनियादी दक्षताओं को सुदृढ़ करना है। प्रथम के स्टेट हेड सज्जन सिंह शेखावत ने कहा कि बच्चे के स्कूल जाने से पहले के अंतिम सप्ताह अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। समर कैम्प 2026 यह सुनिश्चित करता है कि यह तैयारी केवल आंगनवाड़ी तक सीमित न रहकर घर पर भी जारी रहे, जहाँ माता-पिता बच्चे के पहले शिक्षक की भूमिका निभाते हैं। मेले के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) चयनित केंद्रों का भ्रमण कर क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। रायसेन में एसआरएम-2 के समग्र परिणामों पर आधारित एक संकलित रिपोर्ट महिला एवं बाल विकास विभाग तथा प्रथम द्वारा इस सप्ताह के अंत तक जारी किए जाने की संभावना है।

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