RKSK और आयुष्मान भारत के तहत किशोर-किशोरियों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए 'एम्बेसडर' तैयार
-सलामतपुर में आयोजित 3 दिवसीय कार्यक्रम का समापन
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
जिले में किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, मानसिक विकास और उनके समग्र सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के अंतर्गत 'एम्बेसडर' तीन-दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन संघमित्रा रिसॉर्ट, सलामतपुर में आयोजित हुआ।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यू.एन.एफ.पी.ए. तथा इसकी क्रियान्वयन एजेंसी बीजीएमएस के संयुक्त तत्वावधान में एफपीएआई संस्था शाखा भोपाल द्वारा आयोजित किया गया था।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और समन्वयकों को इस योग्य बनाना--इस तीन-दिवसीय गहन आवासीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और समन्वयकों को इस योग्य बनाना है कि वे किशोरों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझ सकें।शारीरिक और मानसिक बदलावों पर चर्चा: किशोर अवस्था में होने वाले हार्मोनल, शारीरिक और मानसिक बदलावों व उनसे जुड़ी समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।रोल मॉडल बनने के गुर: प्रतिभागियों को बच्चों के लिए एक 'आदर्श रोल मॉडल' बनने और उनकी चुनौतियों को समझकर उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान करने के गुर सिखाए गए। शिक्षकों को किशोर-किशोरियों के साथ एक मजबूत और विश्वासपूर्ण संबंध स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया ताकि वे बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रख सकें।
तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभवों से प्रतिभागियों को किया प्रशिक्षित--कार्यक्रम का सुचारू संचालन किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता मिथुन यादव द्वारा किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रियंका चौहान, परियोजना समन्वयक वरुण दुबे एवं बीईओ शैलेंद्र यादव के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।इस दौरान मास्टर ट्रेनर्स के रूप में अमिता शर्मा, उषा सराठे, अरविंद कुमार एवं हेमंत कुमार लोधी ने अपने तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभवों से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। इसके अतिरिक्त, भोपाल से आईं जागृति चौधरी ने विशेष रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और प्रशिक्षणार्थियों से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं की सराहना की।
समापन पर वितरित किये प्रमाण-पत्र--प्रशिक्षण के अंतिम दिन समापन सत्र में मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश खत्री, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय रायसेन डॉ. अनिल ओड तथा नोडल अधिकारी डॉ. प्रीति बाला विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथि अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र सौंपे। अतिथियों ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे यहाँ से सीखे गए कौशल का जमीनी स्तर पर उपयोग कर किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य और भविष्य को नई दिशा दें। सभी ने ट्रेनर्स और प्रशिक्षणार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

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