अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

हर्ष और उल्लास के साथ कुर्बानी का पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) सलामतपुर, बेरखेड़ी चौराहा, दीवानगंज, सांची सहित आसपास क्षेत्र में पूरे धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। गुरुवार सुबह ईदगाह में मुस्लिम समाज द्वारा सामूहिक नमाज अदा की गई। सुबह करीब 7 बजे बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग ईदगाह पहुंचे, जहां पर जामा मस्जिद के पेशे ईमाम नसीम अहमद द्वारा विशेष नमाज अदा कर पूरे मुल्क में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद लोगों ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के घर पहुंचकर बधाइयां दीं। वहीं घरों में कुर्बानी का सिलसिला भी शुरू हुआ, जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का दूसरा सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार माना जाता है। इसे त्याग, समर्पण और कुर्बानी के पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व का संबंध पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम और उनके बेटे हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी से जुड़ा हुआ है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, अल्लाह के हुक्म पर हजरत इब्राहिम अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए थे। उनकी निष्ठा और समर्पण से प्रसन्न होकर अल्लाह ने हजरत इस्माइल की जगह एक मेमने को कुर्बान करवा दिया। तभी से यह पर्व अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास, त्याग और इंसानियत की भावना के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28