अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में सोमवार दोपहर के समय हुई जोरदार प्री-मानसून बारिश से मौसम में ठंडक आ गई। और भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं धान के घड़े तैयार कर रहे किसानों के चेहरे पर भी खुशी की लहर आ गई। दोपहर 3 बजे से जोरदार बारिश शुरू हो गई। जो रुक रुककर शाम तक चलती रही। किसान धान के घड़े तैयार कर बारिश के इंतज़ार में बैठे थे। लेकिन बिजली पर्याप्त मात्रा में नही मिलने के कारण धान की रोपाई नही हो पा रही थी। सोमवार को हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए और वह धान रोपाई की तैयारियों में जुट गए। बारिश होने से जहां किसानों के चेहरे खिले तो वहीं आमजनों ने भी राहत की सांस ली है। मानसून की देरी के कारण धान की फसल बोने वाले किसान चिता में बैठे हैं। कृषक रघुवीर सिंह मीणा ने बताया तेज गर्मी के कारण रायसेन तहसील क्षेत्र में ट्युवबेल का जल स्तर भी नीचे जाने लगा है। इसके बाद से ही किसान मानसून की बारिश पर निर्भर बने हुए है। बारिश को लेकर जहां जून की शुरुआत अच्छी नहीं रही। वहीं सोमवार की दोपहर से शुरू हुई बारिश ने किसानों को राहत दी है। गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने भी राहत महसूस की है। सोमवार को सुबह से ही तेज़ धूप निकली हुई थी। लेकिन दोपहर तीन बजे से मौसम ने करवट ली और तेज़ बारिश शुरू हो गई। जिले में कई स्थानों पर किसान धान के गढ़े तैयार करने में जुटे हुए हैं। बारिश होने से कुछ राहत मिली है लेकिन अभी धान रोपाई में समय लगेगा। सुकासेन गांव के किसान गुफरान अहमद जाफरी ने बताया कि आसपास क्षेत्र में किसान धान की तैयारियों में लगे हुए हैं। जुलाई माह में धान का रोपा 30 से 45 दिन तक होने के बाद खेतों में धान की रोपाई की जाएगी।काफी दिनों से यहां बारिश न होने से किसान परेशान है। अभी मानसून आने से पहले ही प्री मानसून बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि जिले में बड़े पैमाने पर पौधरोपण का अभियान भी चल रहा है। कुछ किसान बागवानी में भी लगे हुए हैं। इनके लिए यह बारिश अमृत के रूप में काम कर रही है। ज्वार-बाजरा की खेती करने वाले किसानों के लिए यह बारिश का पानी फायदेमंद साबित हो रहा है।

 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28