-विकास की राह में रोड़ा बनी अधूरी सड़क

-3 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह से गिट्टी में हुआ तब्दील

-शिकायतों के बाद भी नही हुई सुनवाई

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

सांची विकासखंड अंतर्गत जमुनिया से निनोद तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते यह सड़क अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब दो माह पहले सड़क पर गिट्टी डालने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया गया और तब से ठेकेदार मौके पर नहीं पहुंचा। सड़क पर फैली ढीली गिट्टी के कारण रोजाना मोटरसाइकिल चालक फिसलकर गिर रहे हैं। कई लोग घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क से निकलना जोखिम भरा हो गया है और छोटे-बड़े वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पीडब्ल्यूडी और निर्माण एजेंसी दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गिट्टी बिछाकर गायब हुआ ठेकेदार, जमुनिया-निनोद सड़क बनी ग्रामीणों के लिए मुसीबत--विकास के दावों के बीच प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। जमुनिया से निनोद को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पिछले कई महीनों से ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। दरअसल, संबंधित ठेकेदार सड़क पर गिट्टी बिछाकर अचानक काम अधूरा छोड़कर गायब हो गया है। इसके चलते करीब 3 किलोमीटर लंबा यह मार्ग पूरी तरह से नुकीली गिट्टियों में तब्दील हो चुका है, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

हादसों को न्योता दे रही अधूरी सड़क--स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण का काम बड़े जोर-शोर से शुरू किया गया था। ठेकेदार ने पूरी सड़क खुरचकर उस पर मोटी-मोटी गिट्तियाँ तो डाल दीं, लेकिन उसके बाद डामरीकरण करना भूल गया। आज स्थिति यह है कि इस मार्ग से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। नुकीली गिट्टियों के कारण वाहनों के टायर पंक्चर होना अब आम बात हो चुकी है। रात के अंधेरे में स्थिति और भी भयावह हो जाती है।

शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन--ग्रामीणों का आरोप है कि इस बदहाल सड़क को लेकर उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार लिखित शिकायतें की हैं। इसके बावजूद अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। अधिकारियों की इस अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ​ग्रामीणों का कहना है: "ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है। आपातकाल के समय गांव में एम्बुलेंस तक आने में कतराती है। अगर जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो हम चक्काजाम और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।" ​अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन कब जागता है और ग्रामीणों को इस नारकीय स्थिति से कब तक मुक्ति मिलती है।

इनका कहना है।

रोड पर गिट्टी बिछाकर ठेकेदार लापता हो गया है।स्तिथि बहुत खराब हो रही है। जबकि इसी मार्ग से प्रतिदिन 3 से 4 गांवों के सैंकड़ों ग्रामीण आवागमन करते हैं। जिन्हें सड़क की खराब स्तिथि के चलते परेशान होना पड़ता है। हमारे वाहनों के टायर गिट्टी के कारण फट रहे हैं। और लोग यहां गिरकर घायल भी हो रहे हैं।

कालूराम लोधी, स्थानीय रहवासी।

सड़क की स्तिथि इतनी खराब हो रही है कि पैदल चलना दुशवार हो रहा है। सड़क पर लगभग 2 -3 महीने से काम बंद है। पानी गिरने के बाद सडक़ की स्तिथि और खराब होने की संभावना है। लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।

राजेश्वर मीना, स्थानीय रहवासी।

सड़क मार्ग को लेकर जनता बहुत परेशान हैं। वहीं बच्चे स्कूल जाते समय परेशान होते हैं। कई बार अधिकारियों को शिकायत के माध्यम से स्तिथि से अवगत भी कराया है लेकिन स्तिथि जस की तस बनी हुई है। 

कपिल लोधी, स्थानीय ग्रामीण।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28