अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

स्थानीय पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के चलते एक बार फिर खाकी का मानवीय और मददगार चेहरा सामने आया है। सांची पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए राह भटके एक दो वर्षीय मासूम बच्चे को महज़ एक घंटे के भीतर सुरक्षित उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस तत्परता और सूझबूझ की पूरे क्षेत्र में जमकर तारीफ हो रही है। ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को सांची कॉम्प्लेक्स के पास ग्राम मढ़ा के निवासी प्रशांत अहिरवार, आशीष सिलावट और अजय अहिरवार को एक अज्ञात बच्चा रोता हुआ मिला। बच्चे की उम्र लगभग 2 वर्ष थी और वह बुरी तरह घबराया हुआ था। युवाओं ने मानवता दिखाते हुए आसपास उसके परिजनों को काफी तलाश किया, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो वे बिना समय गंवाए बच्चे को लेकर सांची थाने पहुंचे।

थाना प्रभारी ने दिखाई तत्परता, तुरंत गठित की टीम--थाने में मासूम अपने माता-पिता के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ था। मामले की गंभीरता और बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए सांची थाना प्रभारी रामविलोचन शर्मा ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने बिना एक पल गंवाए एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया, जिसमें सुरेश गोहे,भूर सिंह बारेला, ​देवेंद्र अहिरवार और आरक्षक सौरभ रघुवंशी को शामिल किया गया।

तकनीक और सोशल मीडिया का बेहतरीन तालमेल--थाना प्रभारी के निर्देशन में टीम तुरंत एक्शन में आई। पुलिसकर्मियों ने उस इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की जहाँ बच्चा मिला था। इसके साथ ही, आधुनिक संचार माध्यम का सही उपयोग करते हुए बच्चे की तस्वीर को तुरंत विभिन्न स्थानीय वॉट्सऐप ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया।

महज़ 1 घंटे में मिली सफलता, पिता को सौंपा गया कलेजे का टुकड़ा---पुलिस की यह रणनीति पूरी तरह कामयाब रही। हुलिया और तस्वीर शेयर होने के महज़ 1 घंटे के भीतर ही बच्चे के परिजनों का सुराग मिल गया। जांच में पता चला कि बच्चा सांची में ही कार्यरत मनोज बाल्मीकि (निवासी बस स्टैंड, सांची) का बेटा था, जो खेलते-खेलते घर से दूर निकल गया था। ​थाने पहुंचे बदहवास पिता को जब पुलिस ने सही-सलामत उनका बच्चा सौंपा, तो उनकी आँखों से आंसू छलक आए। परिजनों ने सांची पुलिस और मढ़ा के युवाओं का सहृदय आभार व्यक्त किया।

पुलिस की कार्यप्रणाली की चहुंओर प्रशंसा--इस पूरे घटनाक्रम में सांची पुलिस ने जिस संवेदनशीलता, तत्परता और पेशेवर अंदाज में काम किया, उसने आम जनता के बीच पुलिस की छवि को और मजबूत किया है। संकट की घड़ी में सजगता दिखाकर पुलिस ने यह साबित कर दिया कि वे समाज के सच्चे रक्षक हैं। सांची के नागरिकों ने थाना प्रभारी और उनकी पूरी टीम की इस त्वरित सफलता के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा की है।

इनका कहना है।

​"बच्चे की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। ऐसे मामलों में हर एक मिनट कीमती होता है, इसलिए हमारी टीम ने तुरंत तकनीकी और जमीनी स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए। और महज़ 1 घंटे में ही बच्चे के परिजन मिल गए।

रामविलोचन शर्मा, थाना प्रभारी, सांची

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28