-सलामतपुर, सांची और दीवानगंज के ग्रामीणों ने उठाई आवाज, वाहनों में रिफ्लेक्टर और पीली लाइट अनिवार्य करने के साथ तेज एलईडी पर रोक लगाने की मांग की

अदनान खान ​सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

​सड़कों पर बढ़ते आधुनिक वाहनों के दौर में अब एक नई और गंभीर समस्या सामने आने लगी है। वाहनों में फैक्टरी से लगकर आ रही और बाजार में धड़ल्ले से बिक रही तेज सफेद 'एलईडी' लाइटें अब आम लोगों और चालकों के लिए जी का जंजाल बन चुकी हैं। इन लाइटों की चौंधिया देने वाली रोशनी के कारण रात के समय हाईवे और मुख्य सड़कों पर चलना किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है। ​सलामतपुर, सांची और दीवानगंज सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों ने इस समस्या को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि इन तेज सफेद लाइटों के कारण लोगों की आंखें खराब हो रही हैं और आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और वाहन चालकों ने प्रशासन से इन घातक लाइटों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

हाईवे पर 'ब्लाइंड स्पॉट' बना रहीं सफेद लाइटें--ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 और नेशनल हाइवे 146 पर सफर करना सबसे ज्यादा जोखिम भरा हो गया है। जब सामने से आ रही कार, भारी बस या ट्रक की हाई-बीम सफेद एलईडी लाइट सीधे आंखों पर पड़ती है, तो चालक को कुछ सेकंड के लिए सामने का कुछ भी दिखाई नहीं देता। ​सलामतपुर और दीवानगंज के वाहन चालकों ने बताया कि सामने से आ रहे वाहनों की सफेद लाइट इतनी तेज होती है कि हमारी आंखों के आगे पूरी तरह अंधेरा छा जाता है। जब तक आंखें सामान्य होती हैं, तब तक वाहन अनियंत्रित हो जाता है। इसके कारण दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा सड़कों से नीचे उतरकर गिर रहे हैं।"

नेत्र रोग विशेषज्ञों की चेतावनी: आंखों के रेटिना को पहुंच रहा नुकसान--इस मामले में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि सफेद एलईडी लाइटों से निकलने वाली 'ब्लू रेज' और अत्यधिक ल्यूमेन की रोशनी इंसानी आंखों के लिए बेहद हानिकारक है। रात के समय जब आंखें अंधेरे के अनुकूल होती हैं, तब अचानक इस तेज रोशनी के संपर्क में आने से आंखों के रेटिना को भारी नुकसान पहुंचता है।​लगातार इस स्थिति का सामना करने वाले चालकों में ड्राई आई (आंखों का सूखापन), सिरदर्द, आंखों में जलन और समय से पहले रोशनी कम होने जैसी गंभीर बीमारियां देखने को मिल रही हैं।

कोहरे और बारिश में भी बेअसर हैं ये लाइटें--वाहन विशेषज्ञों और चालकों का यह भी कहना है कि पुरानी पीली (हैलोजन) लाइटों की तुलना में ये सफेद एलईडी लाइटें केवल दिखने में आधुनिक हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से बेहद खराब हैं। बारिश के दिनों में या सर्दियों के मौसम में जब कोहरा छा जाता है, तब सफेद लाइट पानी की बूंदों से टकराकर बिखर जाती है, जिससे आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं देता। इसके विपरीत, पारंपरिक पीली लाइटें कोहरे और बारिश को चीरते हुए रास्ता दिखाने में अधिक सक्षम होती हैं।

नियमों की उड़ रही धज्जियां, ग्रामीणों ने की प्रतिबंध की मांग--

मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के अनुसार वाहनों में एक निश्चित क्षमता और रंग की लाइट का ही उपयोग किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान में नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। युवा अपनी गाड़ियों में 250 से 350 वाट के एलईडी बल्ब और मोडिफिकेशन कराकर बेहद तेज क्षमता वाली चीनी एलईडी लाइटें लगवा रहे हैं।​सलामतपुर, सांची और दीवानगंज के ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि ​बाजार में अवैध रूप से बिकने वाली अत्यधिक तेज सफेद एलईडी लाइटों की बिक्री पर रोक लगाई जाए। वाहनों की चेकिंग के दौरान इन लाइटों को तत्काल निकलवाया जाए और भारी जुर्माना लगाया जाए। ​व्यावसायिक और भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर पट्टियां और पीली हेडलाइट्स को अनिवार्य किया जाए।​यदि समय रहते प्रशासन ने इस बढ़ते खतरे पर ध्यान नहीं दिया, तो ये चमचमाती सफेद लाइटें हाईवे पर सफर करने वाले कई मासूमों की जिंदगी के सफर को हमेशा के लिए अंधेरे में बदल देंगी।

इनका कहना है।

​"सड़कों पर बढ़ रहे हैं हादसे, प्रशासन चलाए विशेष चेकिंग अभियान"

"हमारे क्षेत्र के ग्रामीण और किसान भाई रात के समय जब दोपहिया वाहनों या ट्रैक्टरों से सफर करते हैं, तो सामने से आने वाले वाहनों की सफेद एलईडी लाइट उनकी आंखों को पूरी तरह चौंधिया देती है। इसके कारण लोग अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढों या डिवाइडर से टकरा रहे हैं। मेरी प्रशासन और परिवहन विभाग से पुरजोर मांग है कि इन घातक सफेद लाइटों के खिलाफ ग्रामीण और हाईवे क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।"

रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच, ग्रा.पं.रातातलाई।

​"नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ना चिंताजनक, प्रतिबंध जरूरी"

"वाहनों में मॉडिफिकेशन कराकर अत्यधिक तेज क्षमता वाली चाइनीज एलईडी लाइटें लगाना अब एक जानलेवा फैशन बन चुका है। मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के बावजूद इस पर कोई जमीनी लगाम नहीं है, जिसके कारण सलामतपुर, सांची और दीवानगंज हाईवे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। एक सजग नागरिक और पत्रकार होने के नाते मेरा मानना है कि केवल चालान काटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि बाजार में इन अवैध और अत्यधिक तेज लाइटों की बिक्री पर ही पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।"

नसीम अली, वरिष्ठ पत्रकार दीवानगंज।

 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28