साइबर क्राइम पर सलामतपुर पुलिस का प्रहार: 'सेफ क्लिक 2.0' के तहत SBI में ग्राहकों को किया जागरूक
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
बढ़ते डिजिटल अपराधों और ऑनलाइन ठगी पर अंकुश लगाने के लिए सलामतपुर पुलिस ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में 'साइबर सुरक्षा अभियान सेफ क्लिक 2.0' के अंतर्गत सोमवार को सलामतपुर थाना प्रभारी श्यामराज सिंह के नेतृत्व में स्थानीय भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बैंक उपभोक्ताओं को आधुनिक दौर के गंभीर साइबर खतरों जैसे कि ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और सेक्सटॉर्शन से सुरक्षित रखना है।
'डिजिटल अरेस्ट' और 'होम अरेस्ट' के झांसे में न आएं--कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी श्यामराज सिंह ने बैंक में मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या कस्टम अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते हैं। वे पीड़ितों को 'डिजिटल अरेस्ट' या 'होम अरेस्ट' का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं। थाना प्रभारी ने साफ किया कि कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। यदि कोई आपको वीडियो कॉल पर डराकर पैसे की मांग करे, तो तुरंत फोन काटें और पुलिस को सूचित करें।
इन प्रमुख साइबर खतरों से बचने के बताए तरीके--पुलिस टीम ने बैंक उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड के बारे में विस्तार से समझाया और उनसे बचने के उपाय साझा किए। ओटीपी फ्रॉड: किसी भी परिस्थिति में अपना बैंक ओटीपी, पासवर्ड या सीवीवी नंबर किसी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें। सेक्सटॉर्शन और ब्लैकमेलिंग अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल को उठाने से बचें और सोशल मीडिया पर अपरिचितों से दोस्ती न करें। हैकिंग और पहचान की चोरी: अपने सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप्स के पासवर्ड मजबूत रखें और समय-समय पर बदलते रहें। लोन और लॉटरी ऐप्स: बिना जांच-पड़ताल किए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड करें। जागरूक उपभोक्ताओं ने पूछे सवाल कार्यक्रम के दौरान बैंक उपभोक्ता लालजीराम चौकसे, हमज़ा जाफ़री ने थाना प्रभारी से सीधा संवाद किया। उन्होंने सवाल पूछा कि यदि किसी के साथ साइबर फ्रॉड हो जाए, तो सबसे पहले क्या कदम उठाना चाहिए?
थाना प्रभारी की सलाह--"अगर दुर्भाग्यवश कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए सबसे पहले गोल्डन ऑवर (शुरुआती एक घंटे) के भीतर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी गई राशि को समय रहते फ्रीज कराया जा सके।"इस महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक सिद्धार्थ महाले, एएसआई सुनील शर्मा, और आरक्षक रोहित गोस्वामी सहित बैंक का स्टाफ और बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक व खाताधारक मौजूद रहे। बैंक प्रबंधन ने पुलिस की इस अनूठी पहल की सराहना की।


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