-सलामतपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेजी से बढ़ रहे मरीज; ओपीडी में रोजाना 100-150 से अधिक लोग पहुंच रहे अस्पताल, कमजोरी और चक्कर से जनता परेशान

​अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश पर ब्रेक लगते ही मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव आ गया है। बारिश थमने के बाद खिली धूप और उमस ने मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा दिया है। वर्तमान में घर-घर वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, खांसी और बदन दर्द के मरीज देखने को मिल रहे हैं। स्थिति यह है कि बुखार भले ही 3 से 5 दिन में उतर रहा हो, लेकिन उसके बाद भी मरीजों को हफ्तों तक अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आने और सूखी खांसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

दिन में उमस और रात में ठंडक बनी बीमारी का मुख्य कारण--स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में आ रहा उतार-चढ़ाव ही इस समय लोगों को तेजी से बीमार कर रहा है। दिन के समय तेज धूप और चिपचिपी उमस रहती है, वहीं देर रात और तड़के तापमान गिर जाने से ठंडक का अहसास होता है। तापमान का यह अचानक अंतर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को प्रभावित कर रहा है, जिससे वायरल इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

अस्पतालों की ओपीडी फुल, स्तिथी बिगड़ने पर सिविल अस्पताल में करने पड़ रहे रेफर--सलामतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में रोजाना मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। सलामतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल अधिकारी डॉ. राम्या सक्सेना ने बताया कि इन दिनों अस्पताल में रोजाना करीब 100 से 150 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों का परीक्षण कर दवाएं वितरित कर रही है। जिन मरीजों की हालत अधिक गंभीर पाई जा रही है या जिन्हें ड्रिप चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है, या ज़्यादा स्तिथी बिगड़ने पर सांची सिविल अस्पताल रेफर किया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या भी काफी अधिक है।

डॉक्टर की सलाह: मनमर्जी से दवा न लें, सावधानी ही बचाव है--मौसम के इस दौर में सेहत के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। डॉ. राम्या सक्सेना ने आम जनता से अपील की है कि बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत खुद से दवा न लें। बिना डॉक्टर के परामर्श के मेडिकल स्टोर से पेनकिलर या एंटीबायोटिक लेने से बचें।शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी, लिक्विड डाइट और ताजा सूप लें।बासी और बाहर के खुले भोजन से परहेज करें। सुपाच्य और पौष्टिक भोजन ही ग्रहण करें।भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें।बुखार आने पर शरीर को पूरी तरह आराम दें, ताकि कमजोरी से जल्दी उबर सकें।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28