जरूरत से ज्यादा प्रोटीन बन सकता है शरीर के लिए खतरा, जानें कैसे
आजकल फिटनेस और एक सेहतमंद जीवनशैली की चाह में लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा लगातार बढ़ा रहे हैं। प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है, जो मांसपेशियों (मसल्स) को मजबूत बनाने, शरीर की मरम्मत करने और ऊर्जा देने का काम करता है। लेकिन कहते हैं न कि किसी भी चीज की अति नुकसानदेह होती है, यही नियम प्रोटीन पर भी लागू होता है। आवश्यकता से अधिक प्रोटीन का सेवन सेहत को संवारने के बजाय बिगाड़ सकता है।
अक्सर लोग बिना किसी डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह लिए खुद ही हाई-प्रोटीन डाइट या सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं। इस लापरवाही के कारण शरीर को कई तरह की गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि प्रोटीन की सही मात्रा क्या है और इसके अत्यधिक सेवन से शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।
1. किडनी पर पड़ता है अतिरिक्त बोझ
जब हम बहुत ज्यादा प्रोटीन खाते हैं, तो हमारे शरीर को उसे फिल्टर करने और पचाने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। इसका सीधा और सबसे बड़ा असर किडनी पर पड़ता है। लंबे समय तक हाई-प्रोटीन डाइट पर रहने से किडनी की कार्यक्षमता कमजोर होने लगती है। जिन लोगों को पहले से ही किडनी से जुड़ी कोई बीमारी या शिकायत है, उनके लिए तो यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
2. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
प्रोटीन को तोड़ने और उसमें से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने के लिए हमारे सिस्टम को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत होती है। यदि हाई-प्रोटीन डाइट के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी न पिया जाए, तो शरीर में तेजी से पानी की कमी होने लगती है। इस डिहाइड्रेशन के कारण दिनभर सिरदर्द, बहुत ज्यादा थकान और शारीरिक कमजोरी महसूस होने लगती है।
3. पेट की खराबी और पाचन संबंधी समस्याएं
अक्सर लोग प्रोटीन रिच फूड खाने के चक्कर में फाइबर से भरपूर चीजें (जैसे हरी सब्जियां और फल) खाना कम कर देते हैं। डाइट में फाइबर की कमी और प्रोटीन की अधिकता से पाचन तंत्र सुस्त पड़ जाता है। नतीजा यह होता है कि व्यक्ति को पुरानी कब्ज (कॉन्स्टिपेशन), पेट फूलना (ब्लोटिंग), गैस और पेट में लगातार भारीपन रहने की शिकायत होने लगती है। खासकर सिर्फ सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने वालों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
4. घटने के बजाय बढ़ सकता है वजन
कई लोग वजन घटाने के लिए कार्बोहाइड्रेट छोड़कर सिर्फ प्रोटीन खाने लगते हैं। लेकिन सच यह है कि जरूरत से ज्यादा खाया गया प्रोटीन भी शरीर में अतिरिक्त कैलोरी के रूप में इकट्ठा होने लगता है। यदि आप उस कैलोरी को वर्कआउट के जरिए बर्न नहीं करते हैं, तो वह अतिरिक्त प्रोटीन धीरे-धीरे फैट (वसा) में तब्दील हो जाता है, जिससे आपका वजन घटने के बजाय और ज्यादा बढ़ने लगता है।
5. हार्मोन का संतुलन बिगड़ना और मूड स्विंग्स
लगातार बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने से शरीर का आंतरिक हार्मोनल संतुलन प्रभावित हो सकता है। जब हार्मोन का तालमेल बिगड़ता है, तो इसका सीधा असर हमारे मूड, नींद के पैटर्न और रोजमर्रा की एनर्जी पर पड़ता है। ऐसे में व्यक्ति को बिना वजह चिड़चिड़ापन, अचानक मूड बदलना (मूड स्विंग्स) और रात को ठीक से नींद न आने की समस्या हो सकती है।

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